TIME PASS

Entertenment & Knowledge & Time Pass.NEWS

Sunday, May 13, 2018

💐 *शयन विधान*💐

No comments :
है *शयन विधान*
*सूर्यास्त के एक प्रहर (लगभग 3 घंटे) के बाद ही शयन करना।*
*सोने की मुद्राऐं:* 
           *उल्टा सोये भोगी,*
           *सीधा सोये योगी,*
           *दांऐं सोये रोगी,*
           *बाऐं सोये निरोगी।*
*शास्त्रीय विधान भी है।*
*आयुर्वेद में ‘वामकुक्षि’ की बात आती हैं,*  
*बायीं करवट सोना स्वास्थ्य के लिये हितकर हैं।*
*शरीर विज्ञान के अनुसार चित सोने से रीढ़ की हड्डी को नुकसान और औधा या ऊल्टा सोने से आँखे बिगडती है।*
*सोते समय कितने गायत्री मंन्त्र /नवकार मंन्त्र गिने जाए :-*
*"सूतां सात, उठता आठ”सोते वक्त सात भय को दूर करने के लिए सात मंन्त्र गिनें और उठते वक्त आठ कर्मो को दूर करने के लिए आठ मंन्त्र गिनें।*
*"सात भय:-"*
*इहलोक,परलोक,आदान,*
*अकस्मात ,वेदना,मरण ,*
*अश्लोक (भय)*
*दिशा घ्यान:-*
*दक्षिणदिशा (South) में पाँव रखकर कभी सोना नहीं चाहिए । यम और दुष्टदेवों का निवास है ।कान में हवा भरती है । मस्तिष्क  में रक्त का संचार कम को जाता है स्मृति- भ्रंश,व असंख्य बीमारियाँ होती है।*
*✌यह बात वैज्ञानिकों ने एवं वास्तुविदों ने भी जाहिर की है।*

*मलमास (पुरुषोत्तम मास) 2018 की जानकारी*

No comments :
*मलमास (पुरुषोत्तम मास) 2018 की जानकारी*
इस वर्ष का मलमास 16 मई 2018 से 13 जून 2018 तक रहेगा ।
हर तीन साल में एक बार एक अतिरिक्त माह का प्राकट्य होता है, जिसे अधिकमास, मल मास या पुरूषोत्तम मास के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस माह का विशेष महत्व है। संपूर्ण भारत की हिंदू धर्मपरायण जनता इस पूरे मास में पूजा-पाठ, भगवद् भक्ति, व्रत-उपवास, जप और योग आदि धार्मिक कार्यों में संलग्न रहती है। ऐसा माना जाता है कि अधिकमास में किए गए धार्मिक कार्यों का किसी भी अन्य माह में किए गए पूजा-पाठ से 10 गुना अधिक फल मिलता है। यही वजह है कि श्रद्धालु जन अपनी पूरी श्रद्धा और शक्ति के साथ इस मास में भगवान को प्रसन्न कर अपना इहलोक तथा परलोक सुधारने में जुट जाते हैं। अब सोचने वाली बात यह है कि यदि यह माह इतना ही प्रभावशाली और पवित्र है, तो यह हर तीन साल में क्यों आता है? आखिर क्यों और किस कारण से इसे इतना पवित्र माना जाता है? इस एक माह को तीन विशिष्ट नामों से क्यों पुकारा जाता है? इसी तरह के तमाम प्रश्न स्वाभाविक रूप से हर जिज्ञासु के मन में आते हैं। तो आज ऐसे ही कई प्रश्नों के उत्तर और अधिकमास को गहराई से जानते हैं-
हर तीन साल में क्यों आता है अधिकमास

#ये_रिश्ता_क्या_कहलाता_है ??

No comments :
आप नेहरू को अय्याश कहिए....कांग्रेस को तकलीफ होना लाजिमी है
आप इन्द्रा को तानाशाह कहिए....कांग्रेस को तकलीफ होना लाजिमी है
आप राजीव को फिजूल कहिए....कांग्रेस को तकलीफ होना लाजिमी है
आप नरसिम्हा राव को खरीद फरोख्त करने वाला कहिए.... कांग्रेस 
आप सोनिया को घोटालेबाज कहिए....कांग्रेस को तकलीफ होना लाजिमी है
आप मनमोहन को घोटालेबाजो का सरदार कहिए.....कांग्रेस को तकलीफ होना लाजिमी है
आप राहूल को पप्पू कहिए.....कांग्रेस को तकलीफ होना लाजिमी है
पर कभी सोचा है......

*हमारे देश में नमक और नमकहराम दोनों पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं ....*

No comments :
*अफवाहें फैला रहा है विपक्ष*
अम्बानी, अदानी, सिंघवी, टाटा, बिरला, माल्या, ललित मोदी,
*ये मोदी के कार्यकाल में अरबपति बने थे क्या ???*
क्या 85 अरबपतियों को जो 90 हजार करोड़ का लोन दिया गया था
*क्या वो मोदी के समय दिया गया ...??*
जिस भी अफसर के घर छापा डाला जाए... तो करोड़ रुपये तो उसके गद्दे के नीचे ही मिल जाते हैं ...
*क्या ये मोदी के काल में कमाए गये ....????*
*किस हद की मूर्खतापूर्ण अफवाहें फैला रहा है विपक्ष...*
मोदी के काल में तो माल्या के 8000 करोड़ के लोन के जवाब में ED ने उसकी 9120 करोड़ की संम्पत्ति को कब्जे में ले लिया है ..
*हमारे देश में नमक और नमकहराम दोनों पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं ....*
      आप उस व्यक्ति की आलोचना कर रहे हैं जो लगभग 15 सालों से CM के बाद, अब PM रहते हुए भी अपनी सैलेरी राष्ट्र को दान करता आ रहा है | PM हाउस में अपना खर्चा स्वंय उठाता आ रहा है..।
             *PM की निंदा-रस* में डूबते समय क्या आपको ख्याल आया है कि क्या आपने कभी 1 महीने की सैलेरी राष्ट्र को दान किया है...? 樂
    ₹-240 की LPG-Subsidy तो आप छोड़ नहीं पाते, बाकी.. क्या आप में हिम्मत है 1 साल की सैलेरी *राष्ट्र को दान कर दें...?*
         तो फिर आप उस व्यक्ति की निंदा कैसे कर सकते हैं जो 15 सालों  से ये सब करता आ रहा है....? 樂

पेट्रोल, कम,जानकर चौंक पड़ेंगे आप"जरा समझिए -

No comments :
"कैसे पेट्रोल पंप वाले डालते हैं आपकी गाडी में कम
पेट्रोल, जानकर चौंक पड़ेंगे आप"

जरा समझिए -
'मानवाधिकार टीम' को काफी दिनों से पेट्रोल पम्पों
द्वारा कम पेट्रोल डाले जाने की सूचनाआएँ मिल
रही थी,लेकिन ये बात समझ में नहीं आ पा रही थी
की जब मीटर चलता है तो ये पेट्रोल पंप वाले कम
पेट्रोल कैसे डाल देते हैं इसी उधेड़बुन को लेकर
मानवाधिकार का एक सदस्य पेट्रोल पम्प पर पेट्रोल
डलवाने गया जहाँ से ये शिकायते आ रही थी.
पढ़िए सदस्य की ज़ुबानी:-
जब मैं पेट्रोल पम्प पर पहुँचा तब मुझसे पहले दो और
लोग पेट्रोल डलवा रहे थे इसीलिए मैंने भी अपनी
बाइक लाइन में लगा दी और गौर से कर्मचारियों के
पेट्रोल डालने का निरीक्षण करने लगा, मुझसे पहले
मारुती स्विफ्ट वाला पेट्रोल डलवा रहा था, उसने
एक हज़ार रुपए का नोट गाड़ी के अन्दर से ही
कर्मचारी को दिया चूँकि बारिश हो रही थी
इसीलिए ड्राईवर ने बाहर आना उचित नही समझा.
कर्मचारी ने पहले मीटर शून्य किया फिर उसमें हजार
रुपए फीड किये और नोज़ल लेकर पेट्रोल डालने लगा
इस समय मैं यह सोचने में व्यस्त था की जब मीटर में
हज़ार रुपए फीड कर दिए गये हैं तो निसंदेह हज़ार का
ही पेट्रोल निकलेगा, फिर मैंने सोचा अगर मीटर में
कुछ गड़बड़ नही है तो फिर आखिर ये लोग कैसे लोगों
को बेवक़ूफ़ बनाकर कम पेट्रोल डाल देते हैं? हो सकता
है मुझे झूठी शिकायत मिली हो...!

Popular Posts