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Thursday, May 24, 2018

;कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा .

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युवाओं के मन मे एक प्रश्न का बना हुआ था *"कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा ?"*
अब इसका उत्तर मिल गया है और सिनेमा चला भी अच्छा है जो चलना ही चाहिऐ था ।
अब इस देश के लिए ये जानना जरूरी है कि
*नेताजी सुभाष चन्द्र बोस* को क्यूँ और किसने मारा,
*श्री लाल बहादुर शास्त्री* को किसने और क्यों मारा?
*महात्मा गांधी* की हत्या के वह कारण क्या थे?
इन दुर्भाग्यशाली घटनाओं से देश की पटरी ही बदल गयी।
युवाओं! ज़रा विचारो कि कहाँ कहाँ गलतियां हुई हैं.. काल्पनिक चरित्र कटप्पा से बाहर निकलो और *वो_पूछो_जो_तुमसे_जुड़ा_हुआ_है.....*
पता करो कि हम लगभग 1000 साल तक गुलाम क्यों रहे..
*पता करो कि जो देश आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक, और वैज्ञानिक रूप से सशक्त था.. विश्व गुरु था ...वो सब ज्ञान कहाँ और कैसे खत्म हो गया..*
पता करो कि सोने की चिड़िया के पंख कैसे कतर दिए गए...
पता करो कि हमारे बच्चों को आजादी के बाद भी क्या और क्यूँ पढ़ाया जाता है...
पता करो! पाकिस्तान का स्थायी रोग किसने भारत को दिया? तब हुआ क्या-क्या था?
पता करो..! कि कश्मीर को नासूर बनाने का बीज नेहरू ने क्यों और कैसे बोया..?
*पता करो..! नेपाल के महाराजा के भारत में विलय के प्रस्ताव को 1952 में नेहरू ने क्यों ठुकरा दिया था?*
पता करो..! कि 1953 में UNO में भारत को स्थायी सीट देने के ख़ुद अमेरिका के प्रस्ताव को नेहरू ने क्यों गुमा दिया था? और वह सदस्यता चीन को क्यों दिला दी?

ज़्यादातर जानकारी के अभाव में लोग यह क्लेम सरकार से नहीं लेते हैं ।

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*Accidental Death*  & *Compensation*
*(Income Tax Return Required)*
अगर किसी व्यक्ति की accidental death होती है और वह व्यक्ति पिछले तीन साल से लगातार इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल कर रहा था तो उसकी पिछले तीन साल की एवरेज सालाना इनकम की दस गुना राशि उस व्यक्ति के परिवार को देने के लिए सरकार बाध्य है ।
जी हाँ,
आपको आश्चर्य हो रहा होगा यह सुनकर लेकिन यह बिलकुल सही है
और
सरकारी नियम है ,
उदहारण के तौर पर अगर किसी की सालाना आय क्रमशः
पहले दूसरे और तीसरे साल    चार लाख,पांच लाख और छः लाख है
तो उसकी औसत आय पांच लाख का दस गुना मतलब पचास लाख रूपए उस व्यक्ति के परिवार को सरकार से मिलने का हक़ है।
ज़्यादातर जानकारी के अभाव में लोग यह क्लेम सरकार से नहीं लेते हैं ।
जाने वाले की कमी तो कोई पूरी नहीं कर सकता है लेकिन अगर पैसा पास में हो तो भविष्य सुचारू रूप से चल सकता है ।
अगर लगातार तीन साल तक रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो ऐसा नहीं है कि परिवार को पैसा नहीं मिलेगा लेकिन ऐसे केस में सरकार एक डेढ़ लाख देकर किनारा कर लेती है लेकिन अगर लगातार तीन साल तक लगातार रिटर्न फ़ाइल किया गया है तो ऐसी स्थिति में केस ज़्यादा मजबूत होता है

अपने जीवन मे थोङा सा भी परिवर्तन लायेगे तो इस मैसेज को भेजने का उद्देश्य पूरा होगा

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कोई-कोई  मैसेज  वाकई  कमाल होता
है आप स्वयं पढ़िये….

      
कितना सत्य है ना…..?
भक्ति जब भोजन में प्रवेश करती है,
भोजन ” प्रसाद “बन जाता है.।
             
भक्ति जब भूख में प्रवेश करती है,
भूख ” व्रत ” बन  जाती है.।
          
भक्ति जब पानी में प्रवेश करती है,
पानी ” चरणामृत ” बन जाता है.।
           
भक्ति जब सफर में प्रवेश करती है,
सफर ” तीर्थयात्रा ” बन जाता है.।
            
भक्ति जब संगीत में प्रवेश करती है,
संगीत ” कीर्तन ” बन जाता है.।
            
भक्ति जब घर में प्रवेश करती है,
घर ” मन्दिर ” बन जाता है.।
            
भक्ति जब कार्य में प्रवेश करती है,
कार्य ” कर्म ” बन जाता है.।
           
भक्ति जब क्रिया में प्रवेश करती है,
क्रिया “सेवा ” बन जाती है.। और…
           
भक्ति जब व्यक्ति में प्रवेश करती है,
व्यक्ति ” मानव ” बन जाता है..।
 ❓|||||||||  प्रश्नोत्तर  |||||||||
Qus→ जीवन का उद्देश्य क्या है ?
Ans→ जीवन का उद्देश्य उसी चेतना को जानना है - जो जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है। उसे जानना ही मोक्ष है..!!


Qus→ जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त कौन है ?
Ans→ जिसने स्वयं को, उस आत्मा को जान लिया - वह जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है..!!

Qus→संसार में दुःख क्यों है ?
Ans→लालच, स्वार्थ और भय ही संसार के दुःख का मुख्य कारण हैं..!!

Qus→ ईश्वर ने दुःख की रचना क्यों की ?
Ans→ ईश्वर ने संसार की रचना की और मनुष्य ने अपने विचार और कर्मों से दुःख और सुख की रचना की..!!

Qus→ क्या ईश्वर है ? कौन है वे ? क्या रुप है उनका ? क्या वह स्त्री है या पुरुष ?
Ans→ कारण के बिना कार्य नहीं। यह संसार उस कारण के अस्तित्व का प्रमाण है। तुम हो, इसलिए वे भी है - उस महान कारण को ही आध्यात्म में ‘ईश्वर‘ कहा गया है। वह न स्त्री है और ना ही पुरुष..!!

Qus→ भाग्य क्या है ?
Ans→हर क्रिया, हर कार्य का एक परिणाम है। परिणाम अच्छा भी हो सकता है, बुरा भी हो सकता है। यह परिणाम ही भाग्य है तथा आज का प्रयत्न ही कल का भाग्य है..!!

Qus→ इस जगत में सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है ?
Ans→ रोज़ हजारों-लाखों लोग मरते हैं और उसे सभी देखते भी हैं, फिर भी सभी को अनंत-काल तक जीते रहने की इच्छा होती है..
इससे बड़ा आश्चर्य ओर क्या हो सकता है..!!

Qus→किस चीज को गंवाकर मनुष्य
धनी बनता है ?
Ans→ लोभ..!!

अपनी भारत की संस्कृति को पहचाने.

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पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं
1. युधिष्ठिर    2. भीम    3. अर्जुन
4. नकुल।      5. सहदेव
( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण भी कुंती के ही पुत्र थे , परन्तु उनकी गिनती पांडवों में नहीं की जाती है )
यहाँ ध्यान रखें कि… पाण्डु के उपरोक्त पाँचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन
की माता कुन्ती थीं ……तथा , नकुल और सहदेव की माता माद्री थी ।
वहीँ …. धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र…..
कौरव कहलाए जिनके नाम हैं
1. दुर्योधन      2. दुःशासन   3. दुःसह
4. दुःशल        5. जलसंघ    6. सम
7. सह            8. विंद         9. अनुविंद
10. दुर्धर्ष       11. सुबाहु।   12. दुषप्रधर्षण
13. दुर्मर्षण।   14. दुर्मुख     15. दुष्कर्ण
16. विकर्ण     17. शल       18. सत्वान
19. सुलोचन   20. चित्र       21. उपचित्र
22. चित्राक्ष     23. चारुचित्र 24. शरासन
25. दुर्मद।       26. दुर्विगाह  27. विवित्सु
28. विकटानन्द 29. ऊर्णनाभ 30. सुनाभ
31. नन्द।        32. उपनन्द   33. चित्रबाण
34. चित्रवर्मा    35. सुवर्मा    36. दुर्विमोचन
37. अयोबाहु   38. महाबाहु  39. चित्रांग 40. चित्रकुण्डल41. भीमवेग  42. भीमबल
43. बालाकि    44. बलवर्धन 45. उग्रायुध
46. सुषेण       47. कुण्डधर  48. महोदर
49. चित्रायुध   50. निषंगी     51. पाशी
52. वृन्दारक   53. दृढ़वर्मा    54. दृढ़क्षत्र
55. सोमकीर्ति  56. अनूदर    57. दढ़संघ 58. जरासंघ   59. सत्यसंघ 60. सद्सुवाक
61. उग्रश्रवा   62. उग्रसेन     63. सेनानी
64. दुष्पराजय        65. अपराजित
66. कुण्डशायी        67. विशालाक्ष
68. दुराधर   69. दृढ़हस्त    70. सुहस्त
71. वातवेग  72. सुवर्च    73. आदित्यकेतु
74. बह्वाशी   75. नागदत्त 76. उग्रशायी
77. कवचि    78. क्रथन। 79. कुण्डी
80. भीमविक्र 81. धनुर्धर  82. वीरबाहु
83. अलोलुप  84. अभय  85. दृढ़कर्मा
86. दृढ़रथाश्रय    87. अनाधृष्य
88. कुण्डभेदी।     89. विरवि
90. चित्रकुण्डल    91. प्रधम
92. अमाप्रमाथि    93. दीर्घरोमा
94. सुवीर्यवान     95. दीर्घबाहु
96. सुजात।         97. कनकध्वज
98. कुण्डाशी        99. विरज
100. युयुत्सु
( इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहनभी थी… जिसका नाम""दुशाला""था,
जिसका विवाह"जयद्रथ"सेहुआ था )
"श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में
ॐ . किसको किसने सुनाई?
उ. श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई।
ॐ . कब सुनाई?
उ.- आज से लगभग 7 हज़ार साल पहले सुनाई।
ॐ. भगवान ने किस दिन गीता सुनाई?
उ.- रविवार के दिन।
ॐ. कोनसी तिथि को?
उ.- एकादशी
ॐ. कहा सुनाई?
उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में।
ॐ. कितनी देर में सुनाई?
उ.- लगभग 45 मिनट में
ॐ. क्यू सुनाई?
उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए।
ॐ. कितने अध्याय है?
उ.- कुल 18 अध्याय
ॐ. कितने श्लोक है?
उ.- 700 श्लोक
ॐ. गीता में क्या-क्या बताया गया है?
उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है।
ॐ. गीता को अर्जुन के अलावा
और किन किन लोगो ने सुना?
उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने
ॐ. अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था?
उ.- भगवान सूर्यदेव को
ॐ. गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है?
उ.- उपनिषदों में
ॐ. गीता किस महाग्रंथ का भाग है....?
उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है।
ॐ. गीता का दूसरा नाम क्या है?
उ.- गीतोपनिषद
ॐ. गीता का सार क्या है?
उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना
ॐ. गीता में किसने कितने श्लोक कहे है?
उ.- श्रीकृष्ण जी ने- 574
अर्जुन ने- 85
धृतराष्ट्र ने- 1
संजय ने- 40.
अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी के बारे में जानकारी पहुचाने हेतु इसे ज्यादा से ज्यादा शेअर करे। धन्यवाद
अधूरा ज्ञान खतरना होता है।
33 करोड नहीँ  33 कोटी देवी देवता हैँ हिँदू
धर्म मेँ।
कोटि = प्रकार।
देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते है,
कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता।
हिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं...
कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मे :-
12 प्रकार हैँ
आदित्य , धाता, मित, आर्यमा,
शक्रा, वरुण, अँश, भाग, विवास्वान, पूष,
सविता, तवास्था, और विष्णु...!
8 प्रकार हे :-
वासु:, धर, ध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष।
11 प्रकार है :-
रुद्र: ,हर,बहुरुप, त्रयँबक,
अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी,
रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली।
एवँ
दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार।
कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी
अगर कभी भगवान् के आगे हाथ जोड़ा है
तो इस जानकारी को अधिक से अधिक
लोगो तक पहुचाएं। ।

१ हिन्दु हाेने के नाते जानना ज़रूरी है
This is very good information for all of us ... जय श्रीकृष्ण ...
अब आपकी बारी है कि इस जानकारी को आगे बढ़ाएँ ......
अपनी भारत की संस्कृति
को पहचाने.
ज्यादा से ज्यादा
लोगो तक पहुचाये.
खासकर अपने बच्चो को बताए
क्योकि ये बात उन्हें कोई नहीं बताएगा...
  दो पक्ष-
कृष्ण पक्ष ,
शुक्ल पक्ष

भगत सिंह की फांसी में नेहरु और गाँधी चुप्पी साध ली l

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*किताबों को खंगालने से हमें यह पता चला*
कि ‘बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय‘ (BHU) के संस्थापक *पंडित मदनमोहन मालवीय जी* नें 14 फ़रवरी 1931 को Lord Irwin के सामने *भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव* की फांसी रोकने के लिए Mercy Petition दायर की थी ताकि उन्हें फांसी न दी जाये और कुछ सजा भी कम की जाएl Lord Irwin ने तब मालवीय जी से कहा कि आप कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष है इसलिए आपको इस Petition के साथ नेहरु, गाँधी और कांग्रेस के कम से कम 20 अन्य सदस्यों के पत्र भी लाने होंगेl
जब मालवीय जी ने भगत सिंह की फांसी रुकवाने के बारे में नेहरु और गाँधी से बात की तो उन्होंने इस बात पर चुप्पी साध ली और अपनी सहमति नहीं दीl इसके अतिरिक्त गाँधी और नेहरु की असहमति के कारण ही कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी अपनी सहमति नहीं दीl
*Retire होने के बाद Lord Irwin ने स्वयं London में कहा था कि "यदि नेहरु और गाँधी एक बार भी भगत सिंह की फांसी रुकवाने की अपील करते तो हम निश्चित ही उनकी फांसी रद्द कर देते, लेकिन पता नहीं क्यों मुझे ऐसा महसूस हुआ कि गाँधी और नेहरु को इस बात की हमसे भी ज्यादा जल्दी थी कि भगत सिंह को फांसी दी जाए”*
Prof. Kapil Kumar की किताब के अनुसार ”गाँधी और Lord Irwin के बीच जब समझौता हुआ उस समय इरविन इतना आश्चर्य में था कि गाँधी और नेहरु में से किसी ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को छोड़ने के बारे में चर्चा तक नहीं कीl”

*जिहै,उसतना जीवन मिला जीवन का भरपूर आनन्द लीजिये !*

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*सिकंदर उस जल की तलाश में था, जिसे पीने से मानव अमर हो जाते हैं.!*
*काफी दिनों तक  दुनियाँ में भटकने के पश्चात आखिरकार उस ने वह जगह पा ही ली, जहाँ उसे अमृत की प्राप्ति हो*
 *उसके सामने ही अमृत जल बह रहा था, वह अंजलि में अमृत को लेकर पीने के लिए झुका ही था कि तभी एक बुढा व्यक्ती जो उस गुफा के भीतर बैठा था, जोर से बोला,  रुक जा, यह भूल मत करना...!’*
*बड़ी दुर्गति की अवस्था में था वह बुढा !*
*सिकंदर ने कहा, ‘तू रोकने वाला कौन...?

पत्नी पे निबन्ध लिखो

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मास्टर जी – *पत्नी पे निबन्ध लिखो ❓*
                                         छात्र – *पत्नी पर निबंध*
Answer - पत्नी नामक प्राणी भारत सहित पूरे विश्व में बहुतायत पाई जाती है।
प्राचीन समय में यह भोजन शाला में पाई जाती थी, लेकिन वर्तमान में यह *शॉपिंग मॉल्स , थिएटर्स  एवं रेस्तरा* के नजदीक विचरती हुई अधिक पाई जाती है।
पहले इस प्रजाति में *लम्बे बाल, सुन्दर आकृति* प्रायः पाये जाते थे। लेकिन अब *छोटे बाल, कृत्रिम श्वेत मुख, रक्त के सामान होठ* सामान्य रूप से देखे जा सकते है।
इनका मुख्य आहार पति नामक मूक प्राणी होता है। भारत में इन्हें *धर्मपत्नी, भाग्यवती, लक्ष्मी* नामो से भी जाना जाता है।
*अधिक बोलना, अकारण झगड़ना, अति व्यय करना*, इस प्रजाति के मुख्य लक्षणों में से है। हालाकि इस प्रजाति पर सम्पूर्ण अध्ययन करना संभव नहीं है, किन्तु सामान्यतः इनके निम्न प्रकार होते है।
1. *सुशील पत्नी*– यह प्रजाति अब लुप्त हो चुकी है। इस प्रजाति की प्राणी सुशील एवं सहनशील होतीे थी और घरो में ज्यादा पाई जाती थीे।
2. *आक्रामक पत्नी* – यह प्रजाति भारत सहित पूरे विश्व में बहुत अधिक मात्रा में पाई जाती है। ये अपनी आक्रामक शैली, एवं तेज प्रहार के लिए जानी जाती है। समय आने पर ये *बेलन, झाड़ू और चरण पादुकाओँ* का उपयोग अधिक करती है।
3. *झगडालू पत्नी* – यह प्रजाति भी वर्तमान में सभी जगह पायी जाती है। इन्हें जॊर से बोलना और झगड़ा करना अत्यंत पसंद होता है। इनका अधिकतर सामना *“सास”* नामक एक और अत्यंत खतरनाक प्राणी से होता है।

वो अपने देश को दुनियाँ में सबसे समृद्ध बनाना चाहता है..

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उसे अगर वोट ही लेना होता तो वो,
कभी नोटबंदी नहीं करता कभी भी GST नहीं लाता,
उसे वोट ही लेना होता तो वो कभी सब्सिडियाँ ख़त्म नहीं करता, लेकिन
उसने दिल और घुटने के ऑपरेशन के दाम, ढाई लाख से 50 हज़ार करके डॉक्टरों को नाराज़ किया...
उसने 800 दवाओं के दाम कम करके मेडिकल वालो को नाराज किया...
उसने 1% टैक्स लगा कर स्वर्णकारों को नाराज़ किया....
उसने होटल वालों के सर्विस चार्ज पर हथौड़ा चला के, ग्राहकों के हित के लिए होटलवालों से पंगा लिया...
उसने 500 और 1000 के नोट बन्द कर के अपने ही परम्परागत वोट बैंक को नाराज़ किया....
कैश लेस को बढ़ावा दे कर वो टैक्स चोरों के रास्तों का रोड़ा बन गया है....
रेडा जैसा क़ानून कर के बिल्डरों को नाराज़ किया...
बेनामी संपत्ति का क़ानून पारित कर के ज़मीन के काला बाजारियों को बेनक़ाब कर रहा है...
स्पेक्ट्रम, कोयला, आदि का भ्रष्टाचार दूर कर, देश को लाखों करोड़ों का फ़ायदा देने के लिए बड़े उद्योगपतियों से पंगा लिया....
गैस सब्सिडी, मनरेगा, आदि का पैसा सीधे बैंक खाते में जमा करने के कारण सभी बिचौलियों की दुकानें बंद कर दी....

अपनी सोंच सदैव सकारात्मक रखें

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अमेरिका मे जब एक कैदी को फॉसी की सजा सुनाई गई तो वहॉ के कुछ बैज्ञानिकों ने सोचा कि क्यों न इस कैदी पर कुछ प्रयोग किया जाय ! तब कैदी को बताया गया कि हम तुम्हें फॉसी देकर नहीं परन्तु जहरीला कोबरा सॉप डसाकर मारेगें !
और उसके सामने बड़ा सा जहरीला सॉप ले आने के बाद कैदी की ऑखे बंद करके कुर्सी से बॉधा गया और उसको सॉप नहीं बल्कि दो सेफ्टी पिन्स चुभाई गई !
और क्या हुआ कैदी की कुछ सेकेन्ड मे ही मौत हो गई, पोस्टमार्डम के बाद पाया गया कि कैदी के शरीर मे सॉप के जहर के समान ही जहर है ।
अब ये जहर कहॉ से आया जिसने उस कैदी की जान ले ली ......वो जहर उसके खुद शरीर ने ही सदमे मे उत्पन्न किया था । हमारे हर संकल्प से पाजिटीव एवं निगेटीव एनर्जी उत्पन्न होती है और वो हमारे शरीर मे उस अनुसार hormones उत्पन्न करती है ।
75% वीमारियों का मूल कारण नकारात्मक सोंच से उत्पन्न ऊर्जा ही है ।
आज इंसान ही अपनी गलत सोंच से भस्मासुर बन खुद का विनाश कर रहा है ......
अपनी सोंच सदैव सकारात्मक रखें और खुश रहें
25 साल की उम्र तक हमें परवाह नहीँ होती कि "लोग क्या सोचेंगे ? ? "
50 साल की उम्र तक इसी डर में जीते हैं कि " लोग क्या सोचेंगे ! ! "
50 साल के बाद पता चलता है कि
" हमारे बारे में कोई सोच ही नहीँ रहा था ! ! ! "

Life is beautiful, enjoy forever.
When a prisoner was sentenced to death in the US, some of the bosses thought that why not use this prisoner! Then the prisoner was told that we would not give you a fuss, but the poisonous cobra would beat the snake!
After taking a big poisonous snake in front of him, the prisoner's eyes closed and his body was stuck with a chair and he was not snatched, but two safety pins were shocked!
And what happened, the prisoner died in only a few seconds, after the postmortem it was found that the prisoner's body was poisoned just like a poison of snake.
Now this poison came from Kaho who had taken the life of the prisoner ... The poison was his own body that was born in a shock. Positive and negative energy is generated from our every resolve and it produces hormones in our body accordingly.
The root cause of 75% of the diseases is the energy generated from negative thoughts.
Today human beings are being destroyed by their false thinking and destroying themselves ...
Always keep your thoughts positive and be happy
By the age of 25, we would not care that "what will people think?"
By the age of 50, we live in fear that "people will think!"
After 50 years it shows that
"No one was thinking about us!"
Life is beautiful, enjoy forever

Friday, May 18, 2018

किसानो की फसलो के भाव होने चाहिये।।।

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लहसुन का भाव 90 रू किलो से 20 रु
प्याज  80 रू किलो  से 2 रू किलो
सोयाबीन 55 रुपये किलो से 27 रू किलो
मसूर 60 रू किलो से 35 रुपये किलो
आलू 5 रु किलो
टमाटर 5 रु किलो हो गया!!
सच कहु तो किसानों की किसी भी फसल का भाव नही है.... सरकार कोई भी हो हमे कोई मतलब नही.... किसानो की फसलो के भाव होने चाहिये।।।
आज सब चुप बैठे हे क्योंकि भाव तो किसानों की फसल का नहीं हे लेकिन हम एक बात बताना चाहते हे......

hindu marriage act पास करवाया तो "मुस्लिम मेरिज एक्ट" क्यों नहीं ?

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‼️
क्या कोई बताइयेगा कि "जवाहर लाल नेहरू" ने, हिन्दू मेरिज एक्ट hindu marriage act पास करवाया तो "मुस्लिम मेरिज एक्ट" क्यों नहीं ?
क्या भविष्य में नेहरू और इन्दिरा की पू्र्वयोजना थी कि इस देश को कैसे भी "मुस्लिम देश" बनाया जाय? हिन्दू एक शादी करे और हम दो हमारे दो को माने! इन्दिरा ने, जबरदस्ती हिन्दुओं की नसबन्दी करवाई तो मुस्लिम की क्यों नहीं ? ⁉️
मुस्लिम कितनी भी शादियां करे, कोई रोक नहीं! कितने भी बच्चे पैदा करे कोई रोक नहीं !??
इसलिए आज हिन्दू का "वोटबैंक", पूरी तरह कट गया और मुस्लिम "वोटबैंक" चार सौ प्रतिशत बढ गया। 2050 से पहले हमारा देश "मुस्लिम देश" बन जायगा। क्योंकि जिसका "वोटबैंक" होगा, उसी की सरकार और फिर उनके अपने कानून, "हिन्दू जनता" के पर फिर वही अत्याचार जो औरंगजेब  ने किये थे।इसलिए देश की समस्त "हिन्दू" जनता से अनुरोध है  कि एकजुट हो जाओ और भविष्य के खतरे को पहचानो।
देश की समस्त पार्टियाँ मुस्लिम की तरफदारी कर रहीं हैं क्योंकि उन्हें "कुर्सी" चाहिए न कि देश। यदि कुर्सी मिली तो वह इतना धन इकट्ठा कर लेंगे कि जब हिन्दुस्तान जलेगा  तो ये देश छोड़ कर विदेश में भाग जायेंगे। ‼️‼️

सेक्युलरिज़्म विशेषांक :

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सेक्युलरिज़्म विशेषांक :

जिन हिन्दू सेक्युलर भाईयों बहनों के दिल में हमेशा मुस्लिम और ईसाई धर्म के प्रति सेक्युलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) का कीड़ा कुलबुलाता रहता है ना...... वो हिन्दू सेक्युलर भाई-बहन इस पोस्ट को शुरू से अंत तक खास-तौर पर पढ़ें।

और बाकी के सभी हिन्दू भाईयों-बहनों से विनम्र प्रार्थना है कि वे हिन्दू, हिन्दुत्व एंव हिन्दुस्तान की रक्षा की राह में कृपया सभी  हन्दू सेक्युलर भाई बहनों तक ये पोस्ट पहुंचाने में मदद करें।

#पश्चिमी_अफ्रीका में एक देश है। जिसका नाम #गाम्बिया है।

ये देश बेहद गरीब और पिछड़े क्षेत्रों में आता है। लेकिन कभी ये इलाका बेहद हरा भरा हुआ करता था और यहाँ धरती ही माँ बन कर यहाँ के निवासियों का भरण-पोषण किया करती थी।

लेकिन अचानक ही इस देश पर अंग्रेजों की नजर गयी और विश्व विजयी बनने के उन्मादी अंग्रेजों ने वहां धीरे धीरे अपनी जड़ें जमानी शुरू कर दीं। और अंग्रेज इसमें सफल हुए और उन्होंने गाम्बिया को जीतकर अपना गुलाम बना लिया।

उन्हें यहाँ के बलिष्ठ लोग अपने लिए एक सस्ते गुलाम के रूप में दिखने लगे और धीरे धीरे सारा गाम्बिया उनकी गिरफ्त में आ गया।

लेकिन जहाँ दमन होता है वहां क्रान्ति जरूर होती है और गाम्बिया में भी कुछ ऐसा ही हुआ।

गाम्बिया में जनजातियाँ थी और उन्होंने अंग्रेजों से लोहा लेना शुरू किया। ना-ना, चरखे और बिना खड्ग बिना ढाल नहीं बल्कि सीधे तौर पर तीर और तलवारों से।

आख़िरकार काफी लम्बे संघर्ष के बाद वहां के लोगों ने 1965 में स्वतंत्र गाम्बिया के दर्शन किये।

अब अंग्रेजों ने गाम्बिया को आज़ाद तो कर दिया लेकिन जाते जाते अंग्रेज गाम्बिया में सेक्युलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) का कीड़ा अथवा सिद्धांत थोप कर चले गये।

जिसके फलस्वरूप गाम्बिया के मूल लोगों ने 1965 से खुद को #सेक्युलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) के रंग में रंग लिया। इस आशा व उम्मीद के साथ कि उनके साथ सभी लोग ही सेक्युलर (धर्म-निरपेक्ष) हैं।

लेकिन धीरे-धीरे मुस्लिम आबादी वंहा बढती गयी। उसके बाद लोगों के धर्मांतरण का सिलसिला चल पड़ा। वंही दूसरी तरफ धर्मांतरण ना करने वाले जनसंख्या वृद्धि में मुसलमानों से वैसे ही बहुत ज्यादा पिछड़ गये।

जिसका नतीजा ये हुआ कि धीरे-धीरे वहां मुस्लिम आबादी बढ़ कर इस हालत में आ गयी कि वहां इस्लामिक कानून की मांग और शरिया आदि की चर्चाएँ शुरू हो गयीं।

यद्यपि बाकी अन्य लोग अभी तक भी इस बात को लेकर ही खुश थे कि गाम्बिया का सिद्धांत और कानून धर्म-निरपेक्ष है, जोकि वहां हमेशा ही बना रहेगा।

लेकिन धीरे-धीरे जब गाम्बिया में मुस्लिम आबादी 90% के पार हो गयी तो 2015 में अचानक ही एक दिन सेक्युलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) के सभी सिद्धांत अचानक ही टूट गये और राष्ट्रपति के तौर पर एक इस्लामिक चेहरा याहया जामेह सामने आया, जिसने गाम्बिया के राष्ट्रपति का पद सम्भाल लिया।

मुसलमानों की आबादी 90% हो जाने के कारण उन्हें प्रचंड जीत मिली और विपक्षी सेक्युलरों (धर्मनिरपेक्षों) की जमानत तक जब्त होने की नौबत आ गयी और वो नाम मात्र के विपक्षी बन कर रह गये।

सेक्युलर धर्मनिरपेक्ष मुल्क नहीं बल्कि एक इस्लामिक देश है। और सभी को इस्लाम के नियम और कायदों का पालन करना होगा।

जो भी इस्लाम के नियमों और कायदों का पालन करेगा उसको उस देश में रहने का अधिकार है, अन्यों को नहीं।

इस फैसले से अचानक ही सेक्युलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) का राग अलापने वालों और सेक्युलर (धर्मनिरपेक्ष) बन कर जीने वालों के पैरों तले की जमीन खिसक गयी और उन्होंने खुद को ठगा सा पाया। लेकिन जब तक वो सब समझते तब तक संसद , सरकार, अदालत, फ़ौज, पुलिस सब कुछ राष्ट्रपति के अधीन हो चुका था। यानी कि खेत को चिड़ियाँ चुग चुकी थी। और वहां के सेक्युलर लोगों को इस कानून को मानने पर बाध्य होना पड़ा।

आज वहां के अल्पसंख्यक हो चुके गैर इस्लामिक लोग मात्र दोयम दर्जे के नागरिक बन कर रह गये हैं। जिनका ध्यान रखने वाला अथवा ख़बर-सार लेने वाला कोई नहीं है।

गाम्बिया के राष्ट्रपति याहया जामेह को इस फैसले के लिए किसी भी मानवाधिकार, अन्तराष्ट्रीय अदालत, संयुक्त राष्ट्र, नाटो आदि की सहमित लेने की जरूरत नहीं हुई और अब गाम्बिया एक शुद्ध इस्लामिक मुल्क बन चुका है। जहाँ धर्म निरपेक्षता की बात करना भी क़ानूनन जुर्म है।

और सेक्युलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) का वही गन्दा कीड़ा या सिद्धान्त अंग्रेजों ने जाते-जाते हिन्दुस्तान में भी छोड़ा था। जिसे 1947 से लेके आज तक #कांग्रेस भली-भांति पाल कर फलीभूत कर रही है।

सेक्युलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) की वजह से ख़त्म होने वाला गाम्बिया तुम्हारे सामने एक ताज़ा एवं एक जिंदा उदाहरण है। और ये कोई बहुत पुराने इतिहास की बात नही है। बल्कि 1965 से 2015 तक सिर्फ़ 50 सालों के दरमियान की ही बात है। क्यूंकि जब सन 1900 में जन्में कुछ बुजुर्ग आज तक जिंदा हैं तो गाम्बिया तो फिर भी 1965 में आज़ाद हुआ था।

इसलिये अगर आप दुनियां को सेक्युलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) का पैगाम देना भी चाहते हैं तो, तो आप बजाये सेक्युलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) के, हिन्दू धर्म की मान्यताओं एवं संस्कृति के पालन के तहत किसी भी जीव को हानि ना पहुंचाकर एवं उनकी सेवा, सुरक्षा कर फिर चाहे वो चींटी, कुत्ता अथवा कोई कीट-पतंगा ही क्यूँ ना हो..... करुणा, दया अथवा जीव प्रेम के रूप में जीव-निरपेक्षता अथवा प्राणी-निरपेक्षता का पैगाम दें, ना कि सेक्युलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) का।

जबकि हिन्दुत्व को हानि पहुंचाने वाले के तो आपको सिर्फ और सिर्फ खिलाफ ही खड़ा होना पड़ेगा। क्योंकि अगर आप चुप रहेंगे तो भी आप मूक बनकर वा खिलाफत ना कर एक तरहां से धर्म की हानि करने वालों का ही गुप्त रूप में साथ दे देंगे।

इसलिए हे ! हिन्दुओ ख़ुद भी जागो और दूजे हिन्दुओं को भी जगाओ। वरना आज तो गाम्बिया सेक्युलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) की वजहा से खत्म होने वाले देश के रूप में तुम्हारे सामने उदाहरण बना है। लेकिन अगर हम हिन्दू एक ना हुए अथवा हिंदुत्व को तोड़ने वाली गन्दी राजनीतिक पार्टियों के षड्यंत्र का शिकार हो आपस में ही एक दूसरे से लड़ते रहे तो आने वाले कुछ वर्षों में हिन्दुस्तान को इस्लामिक राष्ट्र बनवा, सेक्युलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) से खत्म होने वाले एक अन्य मुल्क हिन्दुस्तान का ताजा उदाहरण तुम खुद ही विश्व के सामने पेश कर दोगे ।

इसलिए जाग जाओ हिन्दुओ और अपने हिन्दू धर्म, हिन्दुत्व, हिन्दुस्तान एंव हिन्दुस्तान की संस्कृति का इस्लामीकरण एवं ईसाईकरण होने से बचा लो। क्यूँकि खेत चुग चुगने के बाद सिवाय पछतावे के कुछ भी हाथ ना आएगा।

वेदना है, भावना है, अमाँ संहसास है

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माँ संवेदना है, भावना है, अहसास है
माँ जीवन के फूलों में, खूशबू का वास है
माँ रोते हुए बच्चे का, खुशनुमा पालना है
माँ मरूस्थल में नदी या मीठा-सा झरना है
माँ लोरी है, गीत है, प्यारी-सी थाप है
माँ पूजा की थाली है, मंत्रो का जाप है
माँ आँखो का सिसकता हुआ किनारा है
माँ ममता की धारा है, गालों पर पप्पी है,
माँ बच्चों के लिए जादू की झप्पी है
माँ झुलसते दिनों में, कोयल की बोली है
माँ मेंहँदी है, कुंकम है, सिंदूर है, रोली है
माँ त्याग है, तपस्या है, सेवा है

इस दुनिया का सबसे शक्तिशाली इंसान कौन है.

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*बूढ़ा पिता अपने IAS बेटे के चेंबर में  जाकर उसके कंधे पर हाथ रख कर खड़ा हो गया !*
*और प्यार से अपने पुत्र से पूछा...*
*"इस दुनिया का सबसे शक्तिशाली इंसान कौन है"?*
*पुत्र ने पिता को बड़े प्यार से हंसते हुए कहा "मेरे अलावा कौन हो सकता है पिताजी "!*
*पिता को इस जवाब की  आशा नहीं थी, उसे विश्वास था कि उसका बेटा गर्व से कहेगा पिताजी इस दुनिया के सब से शक्तिशाली इंसान आप हैैं, जिन्होंने मुझे इतना योग्य बनाया !*
*उनकी आँखे छलछला आई !*
*वो चेंबर के गेट को खोल कर बाहर निकलने लगे !*
*उन्होंने एक बार पीछे मुड़ कर पुनः बेटे से पूछा एक बार फिर बताओ इस दुनिया का सब से शक्तिशाली इंसान कौन है ???*
       *पुत्र ने  इस बार कहा...*
         *"पिताजी आप हैैं,*
       *इस दुनिया के सब से*
        *शक्तिशाली इंसान "!*

Sunday, May 13, 2018

💐 *शयन विधान*💐

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है *शयन विधान*
*सूर्यास्त के एक प्रहर (लगभग 3 घंटे) के बाद ही शयन करना।*
*सोने की मुद्राऐं:* 
           *उल्टा सोये भोगी,*
           *सीधा सोये योगी,*
           *दांऐं सोये रोगी,*
           *बाऐं सोये निरोगी।*
*शास्त्रीय विधान भी है।*
*आयुर्वेद में ‘वामकुक्षि’ की बात आती हैं,*  
*बायीं करवट सोना स्वास्थ्य के लिये हितकर हैं।*
*शरीर विज्ञान के अनुसार चित सोने से रीढ़ की हड्डी को नुकसान और औधा या ऊल्टा सोने से आँखे बिगडती है।*
*सोते समय कितने गायत्री मंन्त्र /नवकार मंन्त्र गिने जाए :-*
*"सूतां सात, उठता आठ”सोते वक्त सात भय को दूर करने के लिए सात मंन्त्र गिनें और उठते वक्त आठ कर्मो को दूर करने के लिए आठ मंन्त्र गिनें।*
*"सात भय:-"*
*इहलोक,परलोक,आदान,*
*अकस्मात ,वेदना,मरण ,*
*अश्लोक (भय)*
*दिशा घ्यान:-*
*दक्षिणदिशा (South) में पाँव रखकर कभी सोना नहीं चाहिए । यम और दुष्टदेवों का निवास है ।कान में हवा भरती है । मस्तिष्क  में रक्त का संचार कम को जाता है स्मृति- भ्रंश,व असंख्य बीमारियाँ होती है।*
*✌यह बात वैज्ञानिकों ने एवं वास्तुविदों ने भी जाहिर की है।*

*मलमास (पुरुषोत्तम मास) 2018 की जानकारी*

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*मलमास (पुरुषोत्तम मास) 2018 की जानकारी*
इस वर्ष का मलमास 16 मई 2018 से 13 जून 2018 तक रहेगा ।
हर तीन साल में एक बार एक अतिरिक्त माह का प्राकट्य होता है, जिसे अधिकमास, मल मास या पुरूषोत्तम मास के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस माह का विशेष महत्व है। संपूर्ण भारत की हिंदू धर्मपरायण जनता इस पूरे मास में पूजा-पाठ, भगवद् भक्ति, व्रत-उपवास, जप और योग आदि धार्मिक कार्यों में संलग्न रहती है। ऐसा माना जाता है कि अधिकमास में किए गए धार्मिक कार्यों का किसी भी अन्य माह में किए गए पूजा-पाठ से 10 गुना अधिक फल मिलता है। यही वजह है कि श्रद्धालु जन अपनी पूरी श्रद्धा और शक्ति के साथ इस मास में भगवान को प्रसन्न कर अपना इहलोक तथा परलोक सुधारने में जुट जाते हैं। अब सोचने वाली बात यह है कि यदि यह माह इतना ही प्रभावशाली और पवित्र है, तो यह हर तीन साल में क्यों आता है? आखिर क्यों और किस कारण से इसे इतना पवित्र माना जाता है? इस एक माह को तीन विशिष्ट नामों से क्यों पुकारा जाता है? इसी तरह के तमाम प्रश्न स्वाभाविक रूप से हर जिज्ञासु के मन में आते हैं। तो आज ऐसे ही कई प्रश्नों के उत्तर और अधिकमास को गहराई से जानते हैं-
हर तीन साल में क्यों आता है अधिकमास

#ये_रिश्ता_क्या_कहलाता_है ??

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आप नेहरू को अय्याश कहिए....कांग्रेस को तकलीफ होना लाजिमी है
आप इन्द्रा को तानाशाह कहिए....कांग्रेस को तकलीफ होना लाजिमी है
आप राजीव को फिजूल कहिए....कांग्रेस को तकलीफ होना लाजिमी है
आप नरसिम्हा राव को खरीद फरोख्त करने वाला कहिए.... कांग्रेस 
आप सोनिया को घोटालेबाज कहिए....कांग्रेस को तकलीफ होना लाजिमी है
आप मनमोहन को घोटालेबाजो का सरदार कहिए.....कांग्रेस को तकलीफ होना लाजिमी है
आप राहूल को पप्पू कहिए.....कांग्रेस को तकलीफ होना लाजिमी है
पर कभी सोचा है......

*हमारे देश में नमक और नमकहराम दोनों पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं ....*

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*अफवाहें फैला रहा है विपक्ष*
अम्बानी, अदानी, सिंघवी, टाटा, बिरला, माल्या, ललित मोदी,
*ये मोदी के कार्यकाल में अरबपति बने थे क्या ???*
क्या 85 अरबपतियों को जो 90 हजार करोड़ का लोन दिया गया था
*क्या वो मोदी के समय दिया गया ...??*
जिस भी अफसर के घर छापा डाला जाए... तो करोड़ रुपये तो उसके गद्दे के नीचे ही मिल जाते हैं ...
*क्या ये मोदी के काल में कमाए गये ....????*
*किस हद की मूर्खतापूर्ण अफवाहें फैला रहा है विपक्ष...*
मोदी के काल में तो माल्या के 8000 करोड़ के लोन के जवाब में ED ने उसकी 9120 करोड़ की संम्पत्ति को कब्जे में ले लिया है ..
*हमारे देश में नमक और नमकहराम दोनों पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं ....*
      आप उस व्यक्ति की आलोचना कर रहे हैं जो लगभग 15 सालों से CM के बाद, अब PM रहते हुए भी अपनी सैलेरी राष्ट्र को दान करता आ रहा है | PM हाउस में अपना खर्चा स्वंय उठाता आ रहा है..।
             *PM की निंदा-रस* में डूबते समय क्या आपको ख्याल आया है कि क्या आपने कभी 1 महीने की सैलेरी राष्ट्र को दान किया है...? 樂
    ₹-240 की LPG-Subsidy तो आप छोड़ नहीं पाते, बाकी.. क्या आप में हिम्मत है 1 साल की सैलेरी *राष्ट्र को दान कर दें...?*
         तो फिर आप उस व्यक्ति की निंदा कैसे कर सकते हैं जो 15 सालों  से ये सब करता आ रहा है....? 樂

पेट्रोल, कम,जानकर चौंक पड़ेंगे आप"जरा समझिए -

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"कैसे पेट्रोल पंप वाले डालते हैं आपकी गाडी में कम
पेट्रोल, जानकर चौंक पड़ेंगे आप"

जरा समझिए -
'मानवाधिकार टीम' को काफी दिनों से पेट्रोल पम्पों
द्वारा कम पेट्रोल डाले जाने की सूचनाआएँ मिल
रही थी,लेकिन ये बात समझ में नहीं आ पा रही थी
की जब मीटर चलता है तो ये पेट्रोल पंप वाले कम
पेट्रोल कैसे डाल देते हैं इसी उधेड़बुन को लेकर
मानवाधिकार का एक सदस्य पेट्रोल पम्प पर पेट्रोल
डलवाने गया जहाँ से ये शिकायते आ रही थी.
पढ़िए सदस्य की ज़ुबानी:-
जब मैं पेट्रोल पम्प पर पहुँचा तब मुझसे पहले दो और
लोग पेट्रोल डलवा रहे थे इसीलिए मैंने भी अपनी
बाइक लाइन में लगा दी और गौर से कर्मचारियों के
पेट्रोल डालने का निरीक्षण करने लगा, मुझसे पहले
मारुती स्विफ्ट वाला पेट्रोल डलवा रहा था, उसने
एक हज़ार रुपए का नोट गाड़ी के अन्दर से ही
कर्मचारी को दिया चूँकि बारिश हो रही थी
इसीलिए ड्राईवर ने बाहर आना उचित नही समझा.
कर्मचारी ने पहले मीटर शून्य किया फिर उसमें हजार
रुपए फीड किये और नोज़ल लेकर पेट्रोल डालने लगा
इस समय मैं यह सोचने में व्यस्त था की जब मीटर में
हज़ार रुपए फीड कर दिए गये हैं तो निसंदेह हज़ार का
ही पेट्रोल निकलेगा, फिर मैंने सोचा अगर मीटर में
कुछ गड़बड़ नही है तो फिर आखिर ये लोग कैसे लोगों
को बेवक़ूफ़ बनाकर कम पेट्रोल डाल देते हैं? हो सकता
है मुझे झूठी शिकायत मिली हो...!

Thursday, May 10, 2018

इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे

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रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है।
इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे प्रभु श्रीराम आप के जीवन को सुखमय बना देगे।
1. रक्षा के लिए
मामभिरक्षक रघुकुल नायक |
घृत वर चाप रुचिर कर सायक ||
2. विपत्ति दूर करने के लिए
राजिव नयन धरे धनु सायक |
भक्त विपत्ति भंजन सुखदायक ||
3. सहायता के लिए
मोरे हित हरि सम नहि कोऊ |
एहि अवसर सहाय सोई होऊ ||
4. सब काम बनाने के लिए
वंदौ बाल रुप सोई रामू |
सब सिधि सुलभ जपत जोहि नामू ||
5. वश मे करने के लिए
सुमिर पवन सुत पावन नामू |
अपने वश कर राखे राम ||
6. संकट से बचने के लिए
दीन दयालु विरद संभारी |
हरहु नाथ मम संकट भारी ||

Sunday, May 6, 2018

मोदी सरकार की विभिन्न योजनाएं....

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मोदी सरकार की योजनाएं....
_1. प्रधानमंत्री जन धन योजना_
_2. प्रधानमंत्री आवास योजना_
_3. प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना_
_4. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना_
_5. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना_
_6. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना_
_7. अटल पेंशन योजना_
_8. सांसद आदर्श ग्राम योजना_
_9. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना_
_10. प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना_
_11. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजनाये_
_12. प्रधानमंत्री जन औषधि योजना_
_13. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना_
_14. मेक इन इंडिया_
_15. स्वच्छ भारत अभियान_
_16. किसान विकास पत्र_
_17. सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम_
_18. डिजिटल इंडिया_
_19. स्किल इंडिया_
_20. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना_
_21. मिशन इन्द्रधनुष_
_22. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना_
_23. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना_
_24. पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते योजना_
_25. अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत योजना)_
_26. स्वदेश दर्शन योजना_
_27. पिल्ग्रिमेज रेजुवेनशन एंड स्पिरिचुअल ऑग्मेंटशन ड्राइव (प्रसाद योजना)_
_28. नेशनल हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड ऑग्मेंटशन योजना (ह्रदय योजना)_
_29. उड़ान स्कीम_
_30. नेशनल बाल स्वछता मिशन_
_31. वन रैंक वन पेंशन (OROP) स्कीम_
_32. स्मार्ट सिटी मिशन_
_33. गोल्ड मोनेटाईजेशन स्कीम_
_34. स्टार्टअप इंडिया, स्टन्डप इंडिया_
_35. डिजिलोकर_
_36. इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम_
_37. श्यामा प्रसाद मुखेर्जी रुर्बन मिशन_
_38. सागरमाला प्रोजेक्ट_
_39. ‘प्रकाश पथ’ – ‘वे टू लाइट_

Saturday, May 5, 2018

प्रधानमंत्री भारतीयजनऔषधि केंद्र 

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भारत सरकार द्वारा मान्यता
जेनरिक एवं सस्ती दवाआे का विशालतम भण्डार
प्रधानमंत्री भारतीयजनऔषधि 
केंद्र 
खुल चुका है । 
कुछ दवाआे का साधारण बाज़ार मूल्य और जनऔषधि मूल्य आप के 
अवलोकनार्थ निम्न प्रकार है :- 

 Rosuvastatin 20 mg 
साधारणबाज़ार मूल्य Rs.289 
और जनऔषधिमूल्य Rs 27/-
Ramipril 5 mg 
साधारण बाज़ारमुल्य : Rs.78/-
जन औषधि मुल्य: Rs7/- only
 Telmisartan 20mg 
साधारणबाज़ार मूल्य: Rs.55 
जनऔषधिमूल्य:Rs 6/73 only
Calcium and calcitrol tablet
साधारण बाज़ारमूल्य Rs 80.00
जनऔषधिमूल्य Rs 14/-only
Aspirin 150 mg
साधारणबाज़ार मूल्य Rs 42.00
जनऔषधिमूल्य Rs 1.90 केवल
Pentaperazole+domperid
one cap. 
बाज़ार मुल्यRs 119.00 
जनऔषधिमूल्य Rs16.00 only
Amoxycillin+clavulanic acid  625mg
 साधारण बाज़ार मूल्यRs
150.00 
जन औषधि मूल्य Rs.
52.24 केवल ।
Clopidrogel 75mg 
साधारणबाज़ारमूल्य Rs 64.00 
जनऔषधिमूल्य Rs 12.00 only
Glimpride + metformin (1+500)mg
 साधारणबाज़ारमूल्य Rs 65.00 
जनऔषधि मूल्य Rs 6.73 only

लेकिन क्या आप को यह पता है जवाहरलाल नेहरु ने अपनी पत्नी के साथ क्या किया ?

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जवाहरलाल नेहरु ने अपनी पत्नी के साथ जो किया वो इतना भयावह था कि जान कर आप नेहरु से नफरत करने लगेंगे..
टीवी चैनल्स पर कांग्रेस पार्टी के नेताओं के द्वारा अक्सर ये आरोप लगाते हुए सुना जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया.
लेकिन क्या आप को यह पता है जवाहरलाल नेहरु ने अपनी पत्नी के साथ क्या किया ?
जवाहरलाल नेहरु की पत्नी कमला नेहरु को टीबी रोग हो गया था .. उस जमाने में टीबी की दहशत ठीक ऐसा ही थी जैसे आज एड्स की है .. क्योंकि तब टीबी का इलाज नहीं था और इन्सान तिल-तिल... तड़प- तड़प कर पूरी तरह गलकर हड्डी का ढाँचा बनकर मरता था … और कोई भी टीबी मरीज के पास भी नहीं जाता था क्योंकि टीबी साँस से फैलती थी … लोग मरीजों को पहाड़ी इलाके में बने टीबी सेनिटोरियम में भर्ती कर देते थे ..
नेहरु ने अपनी पत्नी को युगोस्लाविया [आज चेक रिपब्लिक] के प्राग शहर में दूसरे इन्सान के साथ सेनिटोरियम में भर्ती कर दिया ..
*कमला नेहरु पूरे दस सालों तक अकेले टीबी सेनिटोरियम में पल पल मौत का इंतजार करती रही.. लेकिन नेहरु दिल्ली में एडविना बेंटन के साथ इश्क करते रहे...सबसे शर्मनाक बात तो ये है कि इस दौरान नेहरु कई बार ब्रिटेन गये लेकिन एक बार भी उन्होंने प्राग जाकर अपनी धर्मपत्नी का हालचाल नहीं लिया .*
नेताजी सुभाषचन्द्र बोस को जब पता चला तब वो प्राग गये .. और डाक्टरों से और अच्छे इलाज के बारे में बातचीत की .. प्राग के डाक्टरों ने बोला कि स्विट्जरलैंड के बुसान शहर में एक आधुनिक टीबी हास्पिटल है जहाँ इनका अच्छा इलाज हो सकता है..
तुरंत ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने उस जमाने में 70 हजार रूपये इकट्ठे किये और उन्हें विमान से स्विटजरलैंड के बुसान शहर में हास्पिटल में भर्ती किया ..

आखिर ऐसा क्या हो गया ?? कि आज के आधुनिक भारत में बलात्कार रोज की सामान्य बात बन कर रह गयी है ??

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आखिर भारत जैसे देवियों को पूजने वाले देश में बलात्कार की गन्दी मानसिकता कहाँ से आयी  आखिर क्या बात है कि जब प्राचीन भारत के रामायण, महाभारत आदि लगभग सभी हिन्दू-ग्रंथ के उल्लेखों में अनेकों लड़ाईयाँ लड़ी और जीती गयीं, परन्तु विजेता सेना द्वारा किसी भी स्त्री का बलात्कार होने का जिक्र नहीं है।
तब आखिर ऐसा क्या हो गया ??  कि आज के आधुनिक भारत में बलात्कार रोज की सामान्य बात बन कर रह गयी है ??
~श्री राम ने लंका पर विजय प्राप्त की पर न ही उन्होंने और न उनकी सेना ने पराजित लंका की स्त्रियों को हाथ लगाया ।
~महाभारत में पांडवों की जीत हुयी लाखों की संख्या में योद्धा मारे गए। पर किसी भी पांडव सैनिक ने किसी भी कौरव सेना की विधवा स्त्रियों को हाथ तक न लगाया ।
अब आते हैं ईसापूर्व इतिहास में~
220-175 ईसापूर्व में यूनान के शासक "डेमेट्रियस प्रथम" ने भारत पर आक्रमण किया। 183 ईसापूर्व के लगभग उसने पंजाब को जीतकर साकल को अपनी राजधानी बनाया और पंजाब सहित सिन्ध पर भी राज किया। लेकिन उसके पूरे समयकाल में बलात्कार का कोई जिक्र नहीं।
~इसके बाद "युक्रेटीदस" भी भारत की ओर बढ़ा और कुछ भागों को जीतकर उसने "तक्षशिला" को अपनी राजधानी बनाया। बलात्कार का कोई जिक्र नहीं।
~"डेमेट्रियस" के वंश के मीनेंडर (ईपू 160-120) ने नौवें बौद्ध शासक "वृहद्रथ" को पराजित कर सिन्धु के पार पंजाब और स्वात घाटी से लेकर मथुरा तक राज किया परन्तु उसके शासनकाल में भी बलात्कार का कोई उल्लेख नहीं मिलता।
~"सिकंदर" ने भारत पर लगभग 326-327 ई .पू आक्रमण किया जिसमें हजारों सैनिक मारे गए । इसमें युद्ध जीतने के बाद भी राजा "पुरु" की बहादुरी से प्रभावित होकर सिकंदर ने जीता हुआ राज्य पुरु को वापस दे दिया और "बेबिलोन" वापस चला गया ।
विजेता होने के बाद भी "यूनानियों" (यवनों) की सेनाओं ने किसी भी भारतीय महिला के साथ बलात्कार नहीं किया और न ही "धर्म परिवर्तन" करवाया ।
~इसके बाद "शकों" ने भारत पर आक्रमण किया (जिन्होंने ई.78 से शक संवत शुरू किया था)। "सिन्ध" नदी के तट पर स्थित "मीननगर" को उन्होंने अपनी राजधानी बनाकर गुजरात क्षेत्र के सौराष्ट्र , अवंतिका, उज्जयिनी,गंधार,सिन्ध,मथुरा समेत महाराष्ट्र के बहुत बड़े भू भाग पर 130 ईस्वी से 188 ईस्वी तक शासन किया। परन्तु इनके राज्य में भी बलात्कार का कोई उल्लेख नहीं।
~इसके बाद तिब्बत के "युइशि" (यूची) कबीले की लड़ाकू प्रजाति "कुषाणों" ने "काबुल" और "कंधार" पर अपना अधिकार कायम कर लिया। जिसमें "कनिष्क प्रथम"  (127-140ई.) नाम का सबसे शक्तिशाली सम्राट हुआ।जिसका राज्य "कश्मीर से उत्तरी सिन्ध" तथा "पेशावर से सारनाथ" के आगे तक फैला था। कुषाणों ने भी भारत पर लम्बे समय तक विभिन्न क्षेत्रों में शासन किया। परन्तु इतिहास में कहीं नहीं लिखा कि इन्होंने भारतीय स्त्रियों का बलात्कार किया हो ।
~इसके बाद "अफगानिस्तान" से होते हुए भारत तक आये "हूणों" ने 520 AD के समयकाल में भारत पर अधिसंख्य बड़े आक्रमण किए और यहाँ पर राज भी किया। ये क्रूर तो थे परन्तु बलात्कारी होने का कलंक इन पर भी नहीं लगा।
 
~इन सबके अलावा भारतीय इतिहास के हजारों साल के इतिहास में और भी कई आक्रमणकारी आये जिन्होंने भारत में बहुत मार काट मचाई जैसे "नेपालवंशी" "शक्य" आदि। पर बलात्कार शब्द भारत में तब तक शायद ही किसी को पता था।
अब आते हैं मध्यकालीन भारत में~
जहाँ से शुरू होता है इस्लामी आक्रमण~
और यहीं से शुरू होता है भारत में बलात्कार का प्रचलन ।
~सबसे पहले 711 ईस्वी में "मुहम्मद बिन कासिम" ने सिंध पर हमला करके राजा "दाहिर" को हराने के बाद उसकी दोनों "बेटियों" को "यौनदासियों" के रूप में "खलीफा" को तोहफा भेज दिया।
तब शायद भारत की स्त्रियों का पहली बार बलात्कार जैसे कुकर्म से सामना हुआ जिसमें "हारे हुए राजा की बेटियों" और "साधारण भारतीय स्त्रियों" का "जीती हुयी इस्लामी सेना" द्वारा बुरी तरह से बलात्कार और अपहरण किया गया ।
~फिर आया 1001 इस्वी में "गजनवी"। इसके बारे में ये कहा जाता है कि इसने "इस्लाम को फ़ैलाने" के उद्देश्य से ही आक्रमण किया था।
"सोमनाथ के मंदिर" को तोड़ने के बाद इसकी सेना ने हजारों "काफिर औरतों" का बलात्कार किया फिर उनको अफगानिस्तान ले जाकर "बाजारों में बोलियाँ" लगाकर "जानवरों" की तरह "बेच" दिया ।
~फिर "गौरी" ने 1192 में "पृथ्वीराज चौहान" को हराने के बाद भारत में "इस्लाम का प्रकाश" फैलाने के लिए "हजारों काफिरों" को मौत के घाट उतर दिया और उसकी "फौज" ने "अनगिनत हिन्दू स्त्रियों" के साथ बलात्कार कर उनका "धर्म-परिवर्तन" करवाया।
~ये विदेशी मुस्लिम अपने साथ औरतों को लेकर नहीं आए थे।
~मुहम्मद बिन कासिम से लेकर सुबुक्तगीन, बख्तियार खिलजी, जूना खाँ उर्फ अलाउद्दीन खिलजी, फिरोजशाह, तैमूरलंग, आरामशाह, इल्तुतमिश, रुकुनुद्दीन फिरोजशाह, मुइजुद्दीन बहरामशाह, अलाउद्दीन मसूद, नसीरुद्दीन महमूद, गयासुद्दीन बलबन, जलालुद्दीन खिलजी, शिहाबुद्दीन उमर खिलजी, कुतुबुद्दीन मुबारक खिलजी, नसरत शाह तुगलक, महमूद तुगलक, खिज्र खां, मुबारक शाह, मुहम्मद शाह, अलाउद्दीन आलम शाह, बहलोल लोदी, सिकंदर शाह लोदी, बाबर, नूरुद्दीन सलीम जहांगीर,
~अपने हरम में "8000 रखैलें रखने वाला शाहजहाँ"।

यह कठोर यातना तो "राष्ट्र प्रेम" का श्रृंगार है, खुशी खुशी सहन करेंगे.

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"कुत्ती"
"कमीनी"
"वेश्या"
"कुलटा बोल इस भगवा में किसकी रखैल है ?"
"अब तक कितनों के बिस्तर पर गई‎ है?"
"किसके इशारे पर सब कर रही है ?"
"जिंदगी प्यारी है तो जो मैं कहता हुं कबुल ले बाकी जिंदगी आराम से कटेगी"
यह शब्द सुनकर आपकी त्योरियां जरुर चढ़ गई‎ होगी
मेरी भी चढ़ गई थी। ऐसे घृणित शब्दों से किसी और को नहीं बल्कि भगवा वस्त्र धारिणी निष्कलंक साध्वी प्रज्ञा दीदी को कलंकित "कांग्रेस"‎ के इशारे पर कांग्रेस‎ का दल्ला मुम्बई ATS हेमंत करकरे के सामने मुम्बई पुलिस व ATS के दोगलों ने नहलाया था. .......जिस करकरे को आज शहीद मान कर सम्मान दिया जाता है एक नम्बर का नीच आदमी था.... उसको तो भगवान ऐसी सजा दी कि इसका पूरा परिवार तबाह हो गया... खुद कुत्ते की मौत मारा गया ,...औरत केंसर से तड़प तड़प कर मरी बच्चा एक्सीडेंट से खत्म हो गया।
मैं साध्वी दीदी का एक साक्षात्कार देख रहा था ऐसे घृणित शब्दों को इशारे में बताया बताते हुए उनके नेत्र सजल हो गये. साक्षात्कार देखते हुए क्रोधाग्नि से धधक रहे मेरे आँखो से भी अश्रु की धारा फूट पड़ी "साध्वी दीदी" ने मर्माहत शब्दों में वृत्तान्त सुनाया कि मेरे शरीर का कोई‎ ऐसा अंग नही जिसे चोटिल ना किया गया हो।

जब पत्रकार ने पुछा कि मारने के कारण ही आपके रीढ़ की हट्टी टूट गई‎ थी ??
साध्वी दीदी ने कहा, "नहीं, मारने से नहीं, एक जन हमारा हाथ पकड़ते थे एक जन पांव और झूलाकर दीवार की तरफ फेंक देते थे, ऐसा प्राय: रोजाना होता था दीवार से सर टकराकर सुन्न हो जाता था कमर में भयानक दर्द होता था ऐसा करते करते एक दिन रीढ़ की हड्डी टूट गई तब अस्पताल में भर्ती कराया गया।"
साध्वी दीदी ने बताया, "एक दिन तो ऐसा हुआ कि मारते मारते एक पुलिस वाला थक गया तो दुसरा मारने लगा उस दौरान मेरे फेफड़े की झिल्ली फट गई‎ फिर भी विधर्मी निर्दयता से मारता रहा.".....साध्वी दीदी ने बताया, "रीढ़ की हड्डी टूटने के बाद मैं बेहोश हो गई‎ थी। जब होश आया तो देखा कि मेरे शरीर से सारा भगवा वस्त्र उतार लिया गया गया था. मुझे एक फ्राक पहनाया गया था।"
साध्वी दीदी ने बताया, "मेरे साथ मेरे एक शिष्य को भी गिरफ्तार किया गया था उसे मेरे सामने लाकर उसे चौड़ा वाला बेल्ट दिया और कहा मार!! अपने गुरु को इस साली को!!" .....
.."शिष्य, सकुचाने लगा तो मैं बोली मारो मुझे !! शिष्य ने मजबुरी में मारा तो जरुर मुझे लेकिन नरमी से तब एक पुलिस वाले ने शिष्य से बेल्ट छीन कर शिष्य को बुरी तरह पीटने लगा और बोला ऐसे मारा जाता है."साध्वी दीदी ने बताया कि एक दिन कुछ पुरुष‎ कैदियों के साथ मुझे खड़ी करके अश्लील आडियो सुनाया जा रहा था. मेरे शरीर पर इतनी मार पड़ी थी कि मेरे लिए खड़ी रहना मुश्किल था. मैं बोली कि बैठ जाऊँ वो बोले साली शादी मे आई है क्या कि बैठ जायेगी!! मेरी आँख बंद होने लगी मैं अचेत हो गई. साध्वी दीदी ने बताया, "मेरे दोनों हाथों को सामने फैलवाकर एक चौड़े बेल्ट से मारते थे मेरा दोनो हाथ सूज जाता था. अँगुलियां भी काम नही करती थी, तब गुनगुना पानी लाया जाता था. मैं अपने हाथ उसमें डालती कुछ आराम होता जब अंगलुियां हिलने डुलने लगती थी. तो फिर से वही क्रिया मेरे पर मार पड़ती थी. साध्वी जी ने बताया कि मुझे तोड़ने के लिए मेरे चरित्र पर लांछन लगाया क्योंकि लोग जानते हैं कि किसी औरत को तोड़ना है तो उसके चरित्र पर दाग लगाओ !

मन की खूबसूरती पर ध्यान दो।

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श्रीदेवी अपने समय की टॉप हीरोइन रही हैं और वो भी बिना प्लास्टिक सर्जरी के।
फिर 50 पार करके उन्हें अचानक 20 साल का दिखने की धुन सवार हो गई। उसके चलते उन्होंने ढेरों सर्जरी करवाई।  gym, योग, डाइटिंग कुछ भी नही छोड़ा।
ये सब उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए नही बल्कि जवान दिखने के लिए किया। शरीर पर हर तरह के अत्याचार किये। तो एक दिन शरीर ने उन्हें धोखा दे दिया।
सिर्फ पतला होना ही स्वास्थ्य की निशानी नही है क्योंकि बहुत से मोटे लोग उम्र पूरी करके जाते हैं और पतले लोग समय से पहले ।
अपने को बढ़ती उम्र के साथ स्वीकारना एक तनावमुक्त जीवन देता है। हर उम्र एक अलग तरह की खूबसूरती लेकर आती है उसका आनंद लीजिये।
बाल रंगने है तो रंगिये, वज़न कम रखना है तो रखिये, मनचाहे कपड़े पहनने है तो पहनिए,बच्चों की तरह खिलखिलाइये, अच्छा सोचिये, अच्छा माहौल रखिये, शीशे में दिखते हुए अपने अस्तित्व को स्वीकारिये।
कोई भी क्रीम आपको गोरा नही बनाती, कोई शैम्पू बाल झड़ने नही रोकता,कोई तेल बाल नही उगाता, कोई साबुन आपको बच्चों जैसी स्किन नही देता। चाहे वो प्रॉक्टर गैम्बल हो या पतंजलि।सब सामान बेचने के लिए झूट बोलते हैं।
ये सब कुदरती होता है। उम्र बढ़ने पर त्वचा से लेकर बॉलों तक मे बदलाव आता है। पुरानी मशीन को maintain करके बढ़िया चला तो सकते हैं उसे नई नही कर सकते।ना किसी टूथपेस्ट में नमक होता है ना किसी मे नीम। किसी क्रीम में केसर नही होती क्योंकी 2 ग्राम केसर भी 500 रुपए से कम की नही होती।
जो आपकी पॉकेट allow करती है वो प्रसाधन खरीदिये क्योंकी केमिकल्स सब में हैं। lux की बनियान साधारण बनियान से इसलिये महंगी है क्योंकी उसमे विज्ञापन के लिए सनी देओल और अक्षय कुमार होते हैं। और वो लक्स नही calvin cline या पियरे कार्डिन पहनते हैं।
करीना कपूर कभी लक्स साबुन से नही नहाती और अमिताभ बच्चन लाल तेल नही लगाता।
कोई बात नही अगर आपकी नाक मोटी है तो,
कोई बात नही आपकी आंखें छोटी हैं तो,
कोई बात नही अगर आप गोरे नही हैं
या आपके होंठों की shape perfect नही हैं....
फिर भी हम सुंदर हैं, अपनी सुंदरता को पहचानिए। दूसरों से कमेंट या वाह वाही लूटने के लिए सुंदर दिखने से ज्यादा ज़रूरी है अपनी सुंदरता को महसूस करना।
हर बच्चा सुंदर इसलिये दिखता है कि वो छल कपट से परे मासूम होता है और बडे होने पर जब हम छल व कपट से जीवन जीने लगते है तो वो मासूमियत खो देते हैं। और उस सुंदरता को पैसे खर्च करके खरीदने का प्रयास करते हैं।
मन की खूबसूरती पर ध्यान दो।

इस्लामीकरण"की तैयारी ?

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इसे "संयोग"कहें,???
या "इस्लामीकरण"की तैयारी ???


क्या कारण है ? कि, "बाॅलीवुड"में सभी जगह,"मुस्लिम मर्दों" का वर्चस्व"है .

और-  उन,"सभी" की," पत्नियाॅ"" हिन्दू" हैं ।
‍♀शाहरुख खान की पत्नी - "गौरी" एक हिंदू है। 
‍♀आमिर खान की पत्नियां - "रीमा दत्ता /किरण राव"!!...
‍♀और सैफ अली खान की पत्नियाँ -  "अमृता सिंह / करीना कपूर" दोनों हिंदू हैं।
‍♀नवाब पटौदी ने भी ,हिंदू लड़की "शर्मीला टैगोर" से शादी की थी।
‍♀फरहान अख्तर की पत्नी - "अधुना भवानी" .....
‍♀और फरहान आजमी की पत्नी, "आयशा टाकिया" भी हिंदू है।
अमृता अरोड़ा की शादी एक ‍♀"मुस्लिम"से हुई है ...जिसका नाम," शकील लदाक" है।
‍♀सलमान खान के भाई - "अरबाज खान" की पत्नी - "मलाइका अरोड़ा" हिंदू है!!!
‍♀और उसके छोटे भाई - "सुहैल खान" की पत्नी - "सीमा सचदेव"भी हिंदू है।
‍♀आमिर खान के भतीजे - "इमरान" की हिंदू - पत्नी "अवंतिका मलिक" है। 
‍♀संजय खान के बेटे -"जायद खान" की पत्नी - "मलिका पारेख" है।
‍♀फिरोज खान के बेटे - "फरदीन" की पत्नी:---" नताशा "है। 
‍♀इरफान खान की बीवी का नाम -  "सुतपा सिकदर" है। 
‍♀नसरुद्दीन शाह की हिंदू पत्नी -  "रत्ना पाठक" हैं।
एक समय था, जब ‍♀"मुसलमान एक्टर" हिंदू नाम"रख लेते थे ....
क्योंकि ,उन्हें डर था, कि अगर "दर्शकों" को उनके ‍,‍♀"मुसलमान" होने का,"पता" लग गया .....तो,उनकी "फिल्म" देखने, कोई नहीं आएगा।!!!

ऐसे लोगों में,"सबसे मशहूर" नाम ‍♀"युसूफ खान" का है ....
जिन्हें, "दशकों"तक, हम "दिलीप कुमार" समझते रहे।!!

‍♀"महजबीन अलीबख्श",मीना कुमारी"बन गई...
और
‍♀"मुमताज बेगम जहाँ देहलवी"," मधुबाला" बनकर, हिंदू ह्रदयों पर," राज" करतीं रहीं।
‍♀"बदरुद्दीन जमालुद्दीन काजी" को हम - "जॉनी वाकर" समझते रहे ....और
‍♀"हामिद अली खान" विलेन "अजित" बनकर, काम करते रहे।!!!
मशहूर "अभिनेत्री" रीना राय" का ,"असली नाम"‍♀"सायरा खान" था।

‍♀"जॉन अब्राहम" भी,दरअसल एक "मुस्लिम" है ....
जिसका "असली नाम" फरहान इब्राहिम" है।!!

जरा सोचिए ....कि ,पिछले "50 साल"में ऐसा क्या हुआ है ?????कि:---- अब,ये "मुस्लिम कलाकार", "हिंदू नाम"रखने की "जरूरत"नहीं समझते.....

बल्कि, उनका "मुस्लिम नाम" उनका "ब्रांड" बन गया है।!!

यह उनकी "मेहनत" का "परिणाम" है ???? या "हम लोगों" के "अंदर" से, "कुछ"खत्म, हो गया है???

जरा सोचिए ....कि :-- हम कौन सी,"फिल्मों" को "बढ़ावा" दे रहे हैं????

क्या वजह है,कि "बहुसंख्यक बॉलीवुड फिल्मों" में ,"हीरो"‍♀ "मुस्लिम लड़का" और "हीरोइन" "हिन्दू लड़की" होती है???

क्योंकि - ऐसा "फिल्म उद्योग" का सबसे बड़ा -"फाइनेंसर",‍♀"दाऊद इब्राहिम" चाहता है l
" टी-सीरीज' का मालिक "गुलशन कुमार" ने उसकी बात नहीं मानी, और "नतीजा" सबने देखा।

आज भी,एक "फिल्मकार" को, *‍♀मुस्लिम हीरो, साइन करते ही, "दुबई" से,"आसान शर्तों "पर "कर्ज" मिल जाता है।
‍♀इकबाल मिर्ची और
‍♀अनीस इब्राहिम, जैसे ‍♀"आतंकी एजेंट" "सात सितारा होटलों" में," खुलेआम" "मीटिंग", करते देखे जा सकते हैं।

‍♀सलमान खा
‍♀शाहरुख खान
‍♀आमिर खान
‍♀ सैफ अली खान
‍♀नसीरुद्दीन शाह
‍♀फरहान अख्तर
‍♀नवाजुद्दीन सिद्दीकी
‍♀फवाद खान जैसे अनेक नाम "हिंदी फिल्मों" की "सफलता" की "गारंटी"बना दिए गए हैं।

अक्षय कुमार
अजय देवगन
इमरान हाशमी
*जैसे "फिल्मकार" इन दरिंदों की "आंख के कांटे" हैं*।

तब्बू, हुमा कुरैशी, सोहा अली खान, और जरीन खान, जैसी "प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों" का," कैरियर" जबरन, "खत्म"कर दिया गया .....*
क्योंकि, वे मुस्लिम हैं.... और इस्लामी कठमुल्लाओं को,
उनका "काम""गैर मजहबी"लगता है।

फिल्मों की ,"कहानियां" लिखने का काम भी," सलीम खान और जावेद अख्तर" जैसे " मुस्लिम लेखकों" के" इर्द-गिर्द "ही रहा।

जिनकी- " कहानियों"में, एक "भला-ईमानदार" ....मुसलमान,

एक "पाखंडी" ब्राह्मण

एक "अत्याचारी" - "बलात्कारी" क्षत्रिय

एक "कालाबाजारी" वैश्य

एक "राष्ट्रद्रोही"नेता

एक "भ्रष्ट"पुलिस अफसर

और एक" गरीब" दलित महिला,

Ye - होना,"अनिवार्य" शर्त है।!

इन फिल्मों के "गीतकार और संगीतकार" भी, "मुस्लिम" हों .....
तभी तो ,"एक गाना,"मौला" के नाम का बनेगा ....
और जिसे गाने वाला,"पाकिस्तान" से आना जरूरी है।
इस"अंडरवर्ड"की,"असिलियत" को ,"पहचानो"....
और "हिन्दू समाज" को,' संगठित" करो.....
अपनी अपने जमीर को जगाओ
तब ही, तुम, "तुम्हारे धर्म" की "रक्षा" कर पाओगे !!!। सेंड करो अपने सभी सोए हुए हिन्दू भाइयों को जगाओ  वंदे मातरम
Say it "coincidence", ???
Or "Islamicization" preparation ???



What is the reason ? That, in all places, "Bollywood" is "dominated by Muslim men" .

And- those, "all", are "wives" "Hindu" .
♀Shahrukh Khan's wife - "Gauri" is a Hindu. 
♀Amir Khan's wives - "Rima Dutta / Kiran Rao" !! ...
♀And Saif Ali Khan's wives - "Amrita Singh / Kareena Kapoor" are both Hindus.
Nawab Pataudi also married a Hindu girl "Sharmila Tagore".
♀Farahan Akhtar's wife - "Apuhna Bhavani" ..... 
♀And Farhan Azmi's wife, "Ayesha Takia" is also Hindu.
 Amrata Arora has been married to a ♀ "Muslim" ... whose name is "Shakeel Ladak".
♀Salman Khan's brother- wife of "Arbaaz Khan" - "Malaika Arora" is a Hindu !!! 
♀ And his younger brother - wife of "Suhail Khan" - "Seema Sachdev" is also Hindu.
♀Amir Khan's nephew- "Imran" is Hindu-wife "Avantika Malik". 
♀ Son of Sanjay Khan - wife of "Zayed Khan" - "Malika Parekh".
♀ Firoz Khan's son - wife of "Fardeen": --- "Natasha". 
The name of the wife of Irfan Khan - "Sutpa Sikder". 
Anusruddin Shah's Hindu wife - "Ratna Pathak".
 There was a time when ♀ "Muslim actors used to keep Hindu names" ....
Because, he was afraid, that if the "viewers" had their "♀" being "know", then they would have "know", then their "movie" will not see anybody else. !!!

In such people, "the most famous" name is ♀ "Yusuf Khan" ....
To whom, "decades", we kept thinking "Dilip Kumar". !!

♀ "Mejben Alibkhsh", Meena Kumari "became ...
 And
♀ "Mumtaz Begum," where "Dehalvi", "Madhubala", continued to "reign" over Hindu hearts.
♀ "Badruddin Jamaluddin Kazi" - We were considered "Johnny Walker" .... And
♀ "Hamid Ali Khan" became a villain, "Ajit", working. !!!
The "real name" ♀ "Saira Khan" of "famous" actress "Reena Roy" was.

♀ "John Abraham" is actually a "Muslim" ....
Whose real name is "Farhan Ibrahim". !!

Just think .... that's what happened in the last "50 Years" ????? that: ---- Now, these do not understand the "need for a Muslim artist", "Hindu name". ...

Rather, their "Muslim name" has become their "brand."

This is the "result" of their "hard work" ???? Or "somebody" has finished, from "inside" of "us people" ???

Just think ... that: - Which are we, "promoting" movies "???"

What is the reason, that in the "majority Bollywood films", "Hero" ♀ "Muslim boy" and  "heroine" is "Hindu girl" ???

Because - the biggest of "film industry" - "financier", ♀ "Dawood Ibrahim" wants
"T-Series" owner "Gulshan Kumar" did not listen to him, and "the result" was all seen.

Even today, a "filmmaker" gets a "loan" on "easy terms" from the "Muslim hero", after signing, "Dubai".
Ichikal mirchi and
♀ Anne Ibrahim, like "terrorist agent" in "Seven Star Hotels", can be seen doing "Openly" "Meetings".

♀ eat alman
♀shahrukh khan
♀Amir Khan
♀ Saif Ali Khan
♀nisiruddin shah
♀afarhan Akhtar
♀Nawajuddin Siddiqui
Many names such as 'Fabad Khan' have been made to "guarantee" the "success" of "Hindi films".

Akshay Kumar
Ajay Devgan
Ikimran hashmi
* Such "filmmakers" are the "eyes of the eyes" of these darlings.

For "talented actresses" like Tabu, Huma Qureshi, Soha Ali Khan, and Zarine Khan, "Career" was forced, "Finished" ..... *
Because, they are Muslims .... and Islamic rascals,
Their "work" seems to be "non-religious".

The work of writing films, "stories" also remained "around" of "Muslim writers" like "Salim Khan and Javed Akhtar".

In whose "stories", a "good-hearted" .... Muslims,

A "hypocritical" Brahmin
 
A "tyrannical" - "rape" Kshatriya

A "black marketing" vaishya
 
A "seditious" leader

A "corrupt" police officer

And a "poor" Dalit woman,

Ye - be, "mandatory" condition.!

"The songwriter and composer" of these films, also be "Muslims" .....
Even then, "one song," Maula "will be named ....
And to whom the singer, "Pakistan", it is necessary to come from.
 of this "underworld", "Assiit", "recognize" ....
And "Hindu society" to "organize" .....
Wake up your own conscience
Only then, you will be able to "preserve" your religion. !!! Send to all your sleeping Hindu brothers, Vande Mataram

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